Saturday, 22 April 2017

तेज बहादुर से तेज...


हमारा देश लोकतान्त्रिक देश हैं!विश्व में सबसे बड़ी लोकशाही हमारे देश में हैं! जब भारत का सामान्य चुनाव होता हैं तब विश्व के सबसे अधिक मतदार मतदान करते हैं!हमारे देशमें सभी नागरिको को विचार और वाणी स्वतंत्रता का अधिकार मिला हैं!कोई कुछ भी बोल सकता हैं! आज कल सोसियल मिडिया में ऐसे निवेदन आ रहे हैं!कभी नेताओ के बारें में तो कभी कोई व्यवस्था के बारें में!कई बार तो हम सोचे समजने के अलावा इसे सिर्फ फोरवर्ड करते हैं!
आधुनिक समय में सोसियल मीडिया में कुछ ऐसा दिखता हैं की हम सिर्फ उसे मजाक में ले लेते हैं!यहाँ एक जानकारी देना चाहूँगा की अपने देश में एक बार इमर्जन्सी लगी थी!समग्र देश के सभी विपक्षी नेताओ को जेल में बांध करदिया गया था!उस वख्त कोंग्रेस की सरकार थी!श्रीमती इंदिरा गाँधी प्रधानमत्री थी!इस बात को लेके आज भी राजकीय नेता और पक्ष अपनी बाते करते हैं!उस वख्त ऐसा था!आज ऐसा हैं!मगर एक बात तय हैं की आज एक नया शब्द मिला हैं!इस शब्द को हम सोसियल मिडिया के नाम से जानते हैं!आज भारत में जनसँख्या से अधिक सिमकार्ड उस हो रहे है!
आज ये बात करने का एक अलग अंदाज है! अलग विचार हैं!कुछ दिन पहले एक समाचार मिला हैं!तेज बहादुर नाम के एक सिपाही की यहाँ बात हैं!उन्हों ने खाने के बारेमें शिकायत की थी!उनकी शिकायत में उन्होंने कहा था की हमें खाना अच्छा नहीं मिल रहा हैं!उसने फोटो और वीडियो वायरल किया था!उसने यह विडिओ प्रधानमत्री को शेर किया था!बात चली!भारत सरकार के गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने तुअरांत कारवाही की!चीफ सेक्रेटरी ने इसकी रिपोर्ट बनाई और तेज बहादुर को सस्पेंड किया गया!रिपोर्ट में तेज बहादुर को अनुशाशन हीनता के लिए जिम्मेदार मना गया!बीएसएफ ने अपना एक निवेदन जारी किया!

यहाँ तक अगर देखा जाए तो एक प्रोसेस हैं!फ़रियाद,उसके आधार पर तपास और रिपोर्ट को देखने के बाद निर्णय या सजा!ऐसी प्रोसेस में कोई विरोध नहीं हैं!यहाँ में एक बात पूछूँगा की क्या आपने कभी संसद की केंटिन में खाया हैं!जितने पेसे हम भिखारी को देते हैं सिर्फ उतने पेसो से हमारे गरीब संसद सदस्य केंटिन में खाना खाते हैं! आज बाजपा की सरकार हैं!इस से पहेले किसी और की सरकार थी!आगे भी सरकारे आएँगी मगर बदलेगी!ऐ जो सिपाही तेज बहादूर हैं उसको निलंबित किया गया हैं!सही बात ये हैं की सरकार ने अपने खिलाफ आवाज को दबाने की कोशिश की हैं!इस से पहेले हमारे पुलिस और ऐसी फ़ोर्स के कई जवान मानसिक रूप से परेह्सं हो के आत्महत्या कर चुके हैं!इस वख्त क्यों जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित नहीं किया जाता!हमें मरने से बचने वाला सिपाही अगर मरता हैं!किसी का नाम लिख के मरता हैं!उस के खिलाफ न कोई जांच होती हैं न कोई सवाल!बात ये हैं की आज से पहेले भी तेज बहादुर अपनी शिकायत कई बार कर चूका हैं!उसको इतना परेशां किया गया हैं की उसने विआरएस के लिए भी अरजी दे राखी हैं!
कुछ साल पहले की बात हैं!हमारे मिडिया कर्मी जो भी बात चलाते हैं!लोग इसे भूल जाते हैं!थोड़ी बहोत चर्चा होती हैं!आज से कई साल पहले बोफोर्स का गोताला आया था!इसे ऐसे उठाया की दूसरे चुनाव में राजिव गाँधी की सरकार बुरी तरह से हारी!मिडिया ने वाह वाही करली!थोड़े सालो बाद जब कारगिल युध्ह हुआ!हम जीते अटल बिहारी बाजपाई जी उस वख्त प्रधानमंत्री थे!उस चुनाव में उन्हों ने कारगिल की जित को केश करना चाह!हाला की शाइनिंग इण्डिया नहीं चला!मगर पाकिस्तान से जो हम जीते थे उसमें बोफोर्स के ही तोप थे जिस की बजह से हम युध्ध जीते थे!


हमारे सिपाही जो बोर्डर पे लड़ते हैं उनके लिए बखतर ख़रीदे गए यहे!समाजवादी नेता ज्योर्ज फर्नाडिस हमारे रक्षा मंत्री थे!उस समय किसी ने कहा ‘यह बख्तर सही  नहीं हैं!इस की खरीदी में गफला हुआ हैं!मिडिया में बात आई!किसीने पैसा खाया,किसी ने खिलाया!ऐ बात बांध हुई!थोड़े समय बाद किसी पाकिस्तानी हमले में हमारे सिपाही वोही बखतर लेके सामने से आने वाली गोली का इन्तजार कर रहे थे!मगर वो बख्तर ऐसा था की  गोली रुक ने के बजाय आरपार चली गई!इस बख्तर के भरोसे कई सिपाही शहीद हुए!उसकी खरीदी करने वाले नेता और अधिकारी को क्या हुआ!कहा गए हमारे सोसियल एक्टिविस्ट?
अब फिर से तेज बहादुर की बात पे आते हैं!उन्हें निकला गया!सही गलत की बात नहीं हैं!यहाँ बात हैं हमारे मिडिया की!ख़ास कर के सोसियल मिडिया में सक्रीय रहने वाले कई लोग इस से कोमेंट करने लगे!किसी ने लिखा की ‘घर में खाने के बारें में जबान न चलाए!नेता न बने वरना निकल दिए जाओगे!यह गलत हैं!क्या हम इस गंभीर मुद्दे को मजाक में लेंगे!क्या हमारे लिए घर परिवार छोड़ने वाले सिपाही को खाना अच्छा नहीं मिलना चाहिए?

इस बात को दो तरीको से देखते हैं!एक तो ये की तेज बहादूर का जो भी हुआ!इसे हमें एक सरकारी तंत्र के आधार पे समजना चाहिए!दूसरा ये की सिर्फ मजा लेने के लिए हमें ऐसे कोमेंट नहीं करने चाहिए!क्यों...सिर्फ लैक इकठा करना हमारा मकसद हैं!क्या हम कभी हमारी बहन के फिगर के बारेमें कोमेंट करते हैं!क्या हम कभी अपने माँ बाप के बारें में कुछ ऐसा लिखेंगे की जो मजाक बने!क्या तेज बहादुर को मालूम नहीं होगा की उस के उपरी अधिकारी के बारें में वो प्रधानमंत्री को कुछ बताएगा तो प्रधान मंत्री या गृह मंत्री खुद इन्क्वायरी नहीं करेंगे और इसे गुनहगार ठहराया जायेगा!आप सोचभी नहीं सकते की क्या बीती होगी उस परिवार में जिस ने सालो तक अपनी परिवार की जिम्मेदारी छोड़ के देश की सेवा की!क्या उसे ये बदला देना या तेज बहादुर की बात की मजा लेना सही हैं!


आज तो ऐ बात आप तय करें की देश के सिपाही,ऑर्ट और शिक्षा से जुड़े किसी भी मुद्दे को मजाक न बनाया जाए!जब तक ऐसा होगा हम हमारी जिम्मेदारी चुके ऐसा कहा जायेगा! आज से हम संकल्प करें की जिससे हमारे देशवासी ऐसी कोई कोमेंट करें तो हम उसे बढ़ावा न दे!और ऐसी जानकारी को न फेलाए! 

लेखक शिक्षा से जुड़े हैं!बच्चो की कहानिया लिखने में उनका विश्व कीर्तिमान हैं!प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा के नए विचार और शिक्षा में नवाचार करते हैं!समग्र भारतमें नवाचार करने वाले बच्चे और अध्यापको को खोजने का कार्य पिछले कई सालो से कर रहे हैं!भारत के कई राज्य में शिक्षा के नवाचार और ट्रेनिग के साथ अभ्यासक्रम निर्माण के लिए जुड़े हैं!नेपाल और बांगलादेश में कई शिक्षा के प्रकल्प में वो आजभी कार्यरत हैं!

Friday, 21 April 2017

श्रीमती शकुन्तला जानी


महेसाणा स्थित KDS अंग्रेजी मध्यमाकी प्रधान अध्यापिका और शिक्षामे अपने संकुल की पहचान बनाने वाली शकुन्तला जानी कई सामाजिक कार्यो से जुडी हैं!युवा ग्रीन फाउन्डेशन में लम्बे समय से कार्य कर रही हैं!युवा ग्रीन फाउन्डेशन में वो आज डिरेक्टर हैं!

युवा ग्रीन फाउन्डेशन के पर्यावरण से जुड़े हुए कई सरे प्रोजेकटमें वो सक्रीय रूप से जुड़े हैं!युवा ग्रीन के युवा ग्रीन के सभी कमांडो को ग़्णाआईज्ञ तरीके से मेंटेन करके वो पर्यावरण में युवाओं के साथ बच्चो को जोड़ रही हैं!


शकुन्तला जानी हमारे साथ जुडी हैं!वो हमारे फाउन्डेशन के लिए हिंदी एवं अंग्रेजी के पत्राचार के साथ अनुवाद का काम देखती हैं!हमारी सहयोगी और फाउन्देशन के डिरेक्टर के साथ आज वो एक सहयोग कर्मी के रूप से काम करनेके लिए यहाँ जुडी हैं!

आजसे पहले उन्होंने अनुवाद और साहित्य समीक्षा के लिए कार्य किया हैं!महेसनामें आयोजित नॅशनल कोंफ्रंस के दोरान उन्होंने पूरी कोंफरंस को.ऑर्डिनेट करके उसे सफल बनाया किया था!

Tuesday, 18 April 2017

दो दोस्त और कार ...

दो मित्र थे।वो सभी काम एक साथ करते।कोई भी नया काम करनेसे पहले एकदूसरे से चर्चा करते फिर नया काम हाथमे लेते।एक दिन दोनों टहल ने के लिए जा रहे थे तब उन्होंने बहुतसे विहीकल्स रास्तेमें देखे।  ये देखकर दो मित्रो को भी गाडी केसे चलाते हे वो सिखने का मन हुआ।

वो दोनो एक ड्राइविंग स्कूलमें जॉइंट हुए।सबसे पहले ड्राइविंग सर  ने सिखाया का गाड़ी स्टार्ट करनेसे पहले क्लच दबाइए फिर गाड़ी का सेल स्टार्ट करे।फिर गाड़ी का गेर बदलिए।ऐसी कई सारी इंस्ट्रक्शन ड्राइविंग सर ने उन दो मित्रोंको दी थी।इस इंस्ट्रक्शन में एक इंस्ट्रक्शन ऐसीथी कि आप आगेका रास्ता देखो।अगर आपको कोई रास्तेमें अड़चन दिखाई दे तो पहलेसे थोड़ी थोड़ी ब्रेक लगाना सुरु करदो।वरना अचानक ब्रेक लगनेसे सामनेवाला सायद बचेके न बचे पर हमारा तो नुकसान होगा।या फिर गाड़ी में बैठे हुए लोगोको जाटका महसूस होगा।या फिर गाड़ी के टायर को भी थोड़ा तो नुकसान होगाही।
   
इससे बेहतर है आप आने वाले भविष्यको देखो और पहलेसे उसपे काम करो।मुसीबत आये उसकी राह मत देखो।धीरज से काम लेने वालेकि हमेशा जित होगी।
   
इन दो दोस्तोने अपने गुरुकी ये बातको जीवन में उतार लिया।उसने ये बातको जीवन जीने में भी काम लेली।परन्तु दूसरा दोस्त अपनी मस्ती में रहता और किसीकी नही सुनता।वो बस सभीकी बाते सुनता और अमल नही करता।वो दोस्त आजभी अपनी जिंदगीमें हररोज नई मुसिबटोसे गिरता जा रहा है।वो मुसीबत का सामना करने में धीरजभी नही रखता और अचानक से ब्रेक लगाता है जिससे उसकोहि नुकसान होताहै।

एकने  सुना तो वो अच्छी तरहा जी रहा है।दूसरे दोस्त ने वो कहावत को साबित कर दियाकि सेठ की सिखामन दरवाजे दरवाजे तक!
17.4.17

नीपा भट्ट!प्राथमिक शिक्षा से जुडी हैं!कई टास्क पे वो लिखती रहती हैं!आपने जो कहानी पढ़ी उसे उन्हों ने लिख के भेजी हैं! 
संगीत,अभिनय एवं नृत्य कलामें विशेष जानकारी रखती हैं!अपने अध्यापन कार्य के साथ उन्होंने पजल्स के माध्यम से ज्ञान के सर्जन का नवाचार किया हैं!अभी भी वो इसे आगे बढा रहीं हैं! बच्चो के नवाचार खोजनें और इसे फेलाने के काम में वो सक्रिय रूप से कार्यरत हैं!उनके द्वारा शोध सृष्टी किताब लिखी गई हैं जिसे सराहना मिली हैं!

Saturday, 8 April 2017

कांची के पल्‍लव

राष्ट्र धजा 
छठवीं सदी की अंतिम चौथाई!यानी 1575 से 1600 में पल्‍लव राजा सिंह विष्‍णुका प्रभाव था!इस समय वो शक्तिशाली हुआ! सिंह विष्णुने कृष्‍णा व कावेरी नदियों के बीच के क्षेत्र को जीत लिया।उनका पुत्र व उत्‍तराधिकारी महेन्‍द्रवर्मन विशेष प्रतिभाशाली था ! दुर्भाग्‍य से महेंद्र वर्मन  चालुक्‍य के राजा पुलकेसन (दूसरा) के हाथों परास्‍त हुआ!इस हार के बाद महेंद्र वर्मनने अपने राज्‍य के उत्‍तरी भाग को खो चूका था!कई वर्षो बाद महेंद्र वर्मन के पुत्र नरसिंह वर्मन (प्रथम) ने चालुक्‍य वंश के परिवार को हराकर पुलकेसन शक्ति का दमन किया। पल्‍लव राज्‍य नरसिंह वर्मन (दूसरा) शासनकाल में अपने सुवर्ण समयमें था!

स्थापत्य और सर्जन 
वह अपनी स्‍थापत्‍य कला की उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध था! उन्हों ने बहुत से मन्दिरों का निर्माण करवाया! उनके समय में समय में कला व साहित्‍य के लिए अच्छा समय था!संस्‍कृत का महान विध्वान उन्ही के दरबार में थे! दानदिन उस नरसिंह वर्मन के ही राजदरबार में था। उनके सुवर्ण समय के बाद नरसिंह वर्मन (प्रथम) के मृत्‍यु होने पर पल्‍लव साम्राज्‍य की गौरव प्रथा जेसे समाप्त होने को थी! समय के साथ-साथ यह मात्र स्‍थानीय कबीले की शक्ति के रूप में रह गयेथे!आखिरकार चोल राजा ने इसवीसन की 9वीं सदी के समापन के आस-पास पल्‍लव राजा अपराजित को परास्‍त कर उसका साम्राज्‍य हथिया लिया। भारत के प्राचीन इतिहास ने, कई साम्राज्‍यों, जिन्‍होंने अपनी ऐसी बपौती पीछे छोड़ी है, जो भारत के स्‍वर्णिम इतिहास में अभी भी गूंज रही है, का उत्‍थान व पतन देखा है। 9वीं इसवी. के समाप्‍त होते-होते भारत का मध्‍यकालीन इतिहास पाला, सेना, प्रतिहार और राष्‍ट्र कूट आदि - आदि उत्‍थान से प्रारंभ होता है।



arpitbhatt51@gmail.com

ऐसी रोचक जानकारी और ऐतिहासिक महत्व के बारेमें आप के पास भी अगर कोई जानकारी हैं तो हमें भेजे!हमें ऐ जानकारी श्री अर्पित भट्ट(ONGC महेसाणा)से भेजी हैं! केमेस्ट्री के वो अच्छे जानकार हैं!उन्होंने अपने परिवार को नवाचार से जोड़ा हैं!
उनका परिवार सम्पूर्ण शिक्षा और संशोधन से जुड़ा हैं!उनके बच्चे को एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाईट एवोर्ड के समारंभ में उनके नवाचार की बजह से राष्ट्रपति भवन से न्योता मिला था!आशा रखते हैं वो ऐसी जानकारी हमे देते रहेंगे!

श्री चांगाभाई काग

एक अध्यापक,कलाकार और विचार के तोर पे उनकी पहचान हैं!गुजरात में हिंदी की किताबें जो क्रियान्वित हैं उसमे उन्होंने लेखक की जिम्मेदारी निभाई हैं! आज उनकी लिखी हुई पर्यावरण की किताब ‘मारी आसपास,अमारी आसपास और सौनी आसपास’कक्षा तिन से पांच में चलती हैं! मारवाड़ी साहित्य और संगीत के मास्टर अनेक विध प्रतिभा के मालिक हैं!राजस्थान और पाकिस्तान की सरहद पे उन्होंने शिक्षाकी ज्योत जलाई हैं!

राज्य और आंतर राष्ट्रिय सीमा से जुड़े अपने विस्तार्में शिक्षा के लिए वो बहोत महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं!व्यसनमुक्ति और शिक्षा के कई मुद्दों से जुडकर वो प्रभावक तरीके से कार्य कर रहे हैं! 

अच्छे बाल गीतों के गायक,मारवाड़ी संगीत के कलाकार और सत्संगी होने के उपरांत वो अच्छे समाज सुधारक भी हैं!कम उम्र में उन्होंने अपने स्थानीय विस्तार में वो सक्रिय कार्य कर के समाज सेवा से जुड़े हैं!वो हमारे भी सहयोगी हैं! 

कु.हर्षवी पटेल


हेडटीचर,पाठ्यपुस्तक लेखक-संपादक, कवयित्री।14 साल से शिक्षण के व्यवसाय से जुडी हैं!प्रधान अध्यापिका के साथ वो सर्जन से भी जुडी हैं! पिछले 17 साल से लेखन कार्य में प्रवृत हैं!कविता, नाटक,रेडियो वार्तालाप के जरिये बालशिक्षा एवं प्रौढशिक्षा का काम करके अपने व्यवसाय को फेलाने के काम में जुडी हैं! वो बच्चों में निहित सृजनात्मकता में से लेखन कौशल्य एवं अभिव्यक्ति को बाहर लाने मे ज्यादा रुचि रखती हैं!

भाषाशिक्षा के तहत अपनी स्कूल के बच्चों के सहयोग से हस्तलिखित सामयिक निर्माण के नवाचार के लिए IIM & GCERT के इनोवेशन फेर मे अपने नवाचारो की उन्होंने प्रस्तुति की हैं।हमारे साथ वो सहयोगी बनके कार्य कर रही हैं!

Sunday, 2 April 2017

प्राची...निशु और वेनु...


हमारे पुरे काम को अच्छी तरीके से देखने के लिए जो काम कर रहे हैं!वो सभी हमारे साथ जुड़े हैं!प्राची वासु,निशांत पंड्या और वेणु उपाध्याय इस काम को देख रहें हैं!


वो हमारे साथ काम करते हुए इस मिशन को लोगो तक पहुँचाने का प्रयत्न कर रहे हैं!



वेणु कोम्प्युटर इंजीनियर हैं!प्राची वासु और निशु पंड्या दोनों अभी भी पढाई कर रहे हैं!ऐ तीनो अपने समय को बचके हमारे साथ काम कर रहे हैं!नवाचार के प्रति उनका लगाव उन्हें यहाँ तक लाया हैं!

आशा और अरमान से दुनिया को देखने से पहले इसकी धिक्क्तो और उसके जवाब को ढूंढने का और फेलानेका काम करने हेतु वो हमसे जुड़े हैं! छोटी उम्रमें ऐसा काम करने को कुछ ही तैयार होते हैं!ऐ तिन साथी हमारे हाथ पाँव हैं!हमारे हाथ पाँव भी आज तो तेजी से आगे बढ़ रहे हैं!और आगे बढ़ते रहे ऐसी ख्वाहिश रखते हैं!