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| राष्ट्र धजा |
छठवीं सदी की
अंतिम चौथाई!यानी 1575 से 1600 में पल्लव राजा सिंह विष्णुका प्रभाव था!इस समय
वो शक्तिशाली हुआ! सिंह विष्णुने कृष्णा व कावेरी नदियों के बीच के क्षेत्र को
जीत लिया।उनका पुत्र व उत्तराधिकारी महेन्द्रवर्मन विशेष प्रतिभाशाली था ! दुर्भाग्य से महेंद्र वर्मन चालुक्य के राजा पुलकेसन (दूसरा) के हाथों
परास्त हुआ!इस हार के बाद महेंद्र वर्मनने अपने राज्य के उत्तरी भाग को खो चूका
था!कई वर्षो बाद महेंद्र वर्मन के पुत्र नरसिंह वर्मन (प्रथम) ने चालुक्य वंश के
परिवार को हराकर पुलकेसन शक्ति का दमन किया। पल्लव राज्य नरसिंह वर्मन (दूसरा)
शासनकाल में अपने सुवर्ण समयमें था!
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| स्थापत्य और सर्जन |
वह अपनी स्थापत्य कला की उपलब्धियों के लिए
प्रसिद्ध था! उन्हों ने बहुत
से मन्दिरों का निर्माण करवाया! उनके समय में समय में कला व साहित्य के लिए अच्छा
समय था!संस्कृत का महान विध्वान उन्ही के दरबार में थे! दानदिन उस नरसिंह वर्मन
के ही राजदरबार में था। उनके सुवर्ण समय के बाद नरसिंह वर्मन (प्रथम) के मृत्यु होने
पर पल्लव साम्राज्य की गौरव प्रथा जेसे समाप्त होने को थी! समय के साथ-साथ यह
मात्र स्थानीय कबीले की शक्ति के रूप में रह गयेथे!आखिरकार चोल राजा ने इसवीसन की
9वीं सदी के
समापन के आस-पास पल्लव राजा अपराजित को परास्त कर उसका साम्राज्य हथिया लिया। भारत के प्राचीन इतिहास ने, कई साम्राज्यों, जिन्होंने अपनी ऐसी बपौती पीछे छोड़ी है, जो भारत के स्वर्णिम इतिहास में अभी भी गूंज
रही है, का उत्थान व
पतन देखा है। 9वीं इसवी. के
समाप्त होते-होते भारत का मध्यकालीन इतिहास पाला, सेना, प्रतिहार और राष्ट्र कूट आदि - आदि उत्थान
से प्रारंभ होता है।![]() |
| arpitbhatt51@gmail.com |
ऐसी रोचक जानकारी और ऐतिहासिक महत्व के
बारेमें आप के पास भी अगर कोई जानकारी हैं तो हमें भेजे!हमें ऐ जानकारी श्री अर्पित
भट्ट(ONGC महेसाणा)से भेजी हैं! केमेस्ट्री के वो अच्छे जानकार हैं!उन्होंने अपने परिवार को नवाचार से जोड़ा हैं!
उनका परिवार सम्पूर्ण शिक्षा और संशोधन से जुड़ा हैं!उनके बच्चे को एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाईट एवोर्ड के समारंभ में उनके नवाचार की बजह से राष्ट्रपति भवन से न्योता मिला था!आशा रखते हैं वो ऐसी जानकारी हमे देते रहेंगे!
उनका परिवार सम्पूर्ण शिक्षा और संशोधन से जुड़ा हैं!उनके बच्चे को एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाईट एवोर्ड के समारंभ में उनके नवाचार की बजह से राष्ट्रपति भवन से न्योता मिला था!आशा रखते हैं वो ऐसी जानकारी हमे देते रहेंगे!



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